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भारत विभाजन एवं स्वंतत्रता,कैबिनेट मिशन योजना आधुनिक भारत का इतिहास
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दूसरे विश्व युद्ध समाप्त होने के बाद भारत में आम चुनाव कराये गए तथा सरकार बनाने के लिए प्रयास तेज हुए दुसरी तरफ ब्रिटिश सरकार भी काफी दबाब में आ चुकी थी। ब्रिटिश सरकार ने 1946 में घोषणा की कि वह भारत में अपना शासन समाप्त करना चाहती है। ब्रिटिश मंत्रिमंडल का एक दल जो कैबिनेट मिशन के नाम से जाना है ,वह सत्ता के हस्तांतरण के बारे में भारतीय नेताओं से बातचीत करने के लिए भारत आया सरकार ने अंतरिम सरकार बनाने और संविधान सभा बुलाने का प्रस्ताव रखा। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी इस सरकार में आरंभ में मुस्लिम लीग सम्मिलित नहीं हुयी थी। कुछ समय बाद वह सरकार में सम्मिलित हुई। संविधान सभा ने दिसम्बर 1946 में अपना काम शुरू किया। परन्तु मुस्लिम लीग ने उसमे भाग लेने से इंकार कर दिया।
कैबिनेट मिशन जिसके अध्यक्ष पेथिक लारेन्स (भारत सचिव ) व दो सदस्य क्रिप्स और ए. बी. एलेक्जेंडर थे। कैबिनेट मिशन ने निम्नलिखित सिफारिशे की
- भारत में एक अखिल भारतीय संघ की स्थापना होगी
- कैबिनेट मिशन ने किसी भी रूप में मुस्लिम लीग की पाकिस्तान की माँग को अस्वीकार कर दिया
- भारतीय संविधान सभा बनाने के लिए सिफारिश की जिसमे अप्रत्यक्ष निर्वाचन के माध्यम से चुनाव किया जाना था। जिसमे 10 लाख जनसंख्या को आधार बनाया गया।
इसी बीच मुस्लिम लीग ने प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस घोषित कर दिया जिसमे भारत में दंगे (सांप्रदायिक ) शुरू हो गए यह दंगे कलकत्ता से शुरू हुए थे। वहां पर सुहरावर्दी की सरकार थी जिसने दंगो को प्रत्यक्ष समर्थन देकर स्थिति को और भयानक बना दिया फिर गाँधी जी ने नोआखाली जाकर दंगे को शांत कराया इसी से प्रभावित होकर माउंटबेटन ने गाँधी जी को one man of Boundry force की उपाधी दी तथा यह कहा कि जो काम हमारे 50 हजार सैनिक नहीं कर सकते थे। वह काम गांधी जी ने अकेले कर दिया।
इसी बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली (लेबर पार्टी ) ने 20 फरवरी 1947 को यह घोषणा कि 3 june 1948 से पहले भारतीयों को सत्ता सौंफ दी जाएगी इसी कार्य के लिए माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय बनाकर भेजा गया इन्हे यह निर्देश था कि सबसे पहले अखिल भारतीय सत्ता सोफ़ने की बात की जाएगी यदि परिस्थतियाँ न बनी तो विभाजन को आधार देकर सत्ता सोफ़नी है। माउंटबेटन ने भारत के सभी बड़े नेताओं से बात की इसके लिए सबसे पहले पटेल और नेहरू को विभाजन के पक्ष में किया लेकिन जब यह मामला गाँधी जी के पास पहुंचा तो उन्होंने सुझाव दिया कि अंतरिम सरकार पूर्ण रूप से जिन्ना के हाथ सौंफ दी जाये जिससे साम्प्रदायिक दंगो को रोका जा सके लेकिन स्थिति इतनी बदल चुकी थी विभाजन को नहीं बचाया जा सका 3 जून 1947 को कांग्रेस कमेठी ने माउंटबेटन के प्रस्ताव को स्वीकार किया तथा 14 जून 1947 को j B कृपलानी की अध्यक्षता में दिल्ली में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जिसमे गोविन्द बल्ल्भ पंत ने विभाजन का प्रस्ताव रखा अबुलकलाम आजाद ने इसका समर्थन किया जबकि अब्दुल गफ्फार खां ने विभाजन के विरोध में मतदान किया इसके बाद 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश संसद से भी विभाजन के प्रस्ताव को पारित कर दिया गया तथा दोनों देशो की सीमाओं को बाटने के लिए रेड क्लिप को भारत भेजा गया इसके बाद 14 अगस्त को पाकिस्तान तथा 15 अगस्त को भारत को स्वंतत्रता प्राप्त हुयी पाकिस्तान स्वंतत्र होने के बाद मुहम्मद अली जिन्ना को अपना पहला गवर्नर तथा लियाकत अली को प्रधानमंत्री बनाया तथा 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी की घोषणा नेहरू ने ए टेस्ट बिथ डेस्टनी नामक भाषण से की थी। माउंटबेटन को स्वंतत्र भारत का प्रथम गवर्नर जनरल नियुक्त किया गया जबकि राजगोपालचारी भारत के प्रथम एवं अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल बने
कैबिनेट मिशन योजना (1946 ) एवं अंतरिम सरकार का गठन और भारत का विभाजन एवं स्वंतत्रता से पूछे गए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
Q 1 . भारत के लिए त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था का प्रस्ताव किया था।
Ans - कैबिनेट मिशन में
Q 2 . वह कांग्रेस अध्यक्ष जिसने क्रिप्स मिशन व लार्ड वेवेल दोनों से वार्ताए की
Ans - अबुल कलाम आजाद
Q 3 ब्रिटिश सरकार ने जून 1948 तक भारत छोड़ने की घोषणा की थी
Ans - फरवरी 1947 में
Q 4 . 1947 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिल्ली अधिवेशन की अध्यक्षता की
Ans - जी. बी. कृपलानी ने
Q 5 . 14/15 अगस्त 1947 की मध्य रात्री को केंद्रीय असेम्बली में इकबाल का गीत हिंदोस्ताँ हमारा तथा जन-गण-मन गाया
Ans - एम.एस सुब्बालक्षमी ने
Q 6 . भारत का अंतिम वायसराय था
Ans - लार्ड माउंटबेटन
Q 7 . स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि मंत्री थे
Ans - अम्बेडकर
Q 8 . भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1946 में मेरठ में आयोजित अधिवेशन की अध्यक्षता की थी
Ans - जे. बी. कृपलानी ने
Q 9 . भारतीय राष्ट्रवाद ब्रिटिश राज का शिशु था। यह कथन है
Ans - आर कोपलैंड का
Q 10 - ब्रिटिश शासन की सबसे अधिक महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत का एकीकरण था किसने कहा था।
Ans - के. एम. पणिक्कर ने
Q 11 . भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (द इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट ) ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया
Ans - जुलाई 1947
Q 12 . भारत के विभाजन से संबंधित माउंटबेटन योजना की सरकारी तौर पर घोषणा हुयी थी
Ans - 3 जून 1947
Q 13 . जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ था।
Ans - सितम्बर 1946 में
Q 14 . अंतरिम सरकार के सदस्य नहीं थे।
Ans - बी. आर. अम्बेडकर
Q 15 . 1946 के चुनाव के पश्चात मुस्लिम सरकार ने अपनी सरकार बनाई
Ans - बंगाल
Q 16 . मुस्लिम लीग ने सीधी कार्यवाही दिवस हेतु तिथि सुनिश्चित की थी
Ans - 16 अगस्त 1946


1 Comments
Dhasu
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