Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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विजय नगर साम्राज्य पर शासन करने वाले वंशो का क्रम याद रखने की GK Trick
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दोस्तों आज में आपको विजय नगर साम्राज्य पर शासन करने वाले वंशो का क्रम याद रखने की GK Trick बताने वाला हूँ जिससे आप आसानी से याद रख सको।
Trick - संग सतुआ
- संग - संगम वंश
- स - सालुव वंश
- तु - तुलुव वंश
- आ - अराविडु वंश
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
- संगम वंश की स्थापना हरिहर एवं बुक्का ने 1336 में अपने गुरु माधव विधारण्य की प्रेरणा से तुंगभद्रा नदी के तट पर की
- विजय नगर का वर्तमान नाम हम्मी (हस्तिनावती ) है।
- विजयनगर साम्राज्य की राजधानियाँ क्रमशः थी अनेगोण्डी ,विजयनगर ,बेणुगोण्डा तथा चंद्रगिरि थी
- विजय नगर एवं बहमनी के मध्य विवाद का मुख्य कारण कृष्णा एवं तुंगभद्रा के मध्य स्थित रायचूर दोआब था।
- विजय नगर का राष्ट्रीय सिक्का वाराह था
- विजय नगर की राजभाषा तेलगू थी जबकि लिपि नन्दिनागढ़ी थी।
- विजय नगर में शतरंज एवं पासा का खेल बहुत लोकप्रिय था।
- विजय नगर में आयंगर व्यवस्था ग्रामीण प्रशासन से जुडी थी।
- सोनार की बेटी का युद्ध विजय नगर शासक देवराय तथा बहमनी शासक फिरोजशाह के बीच हुआ था।
- विजय नगर के शासको ने भिखारियों ,मंदिरो ,एवं वेश्याओ पर भी कर लगाये
- विजय नगर के शासक मुख्यतया शैवधर्म (कृष्णदेव राय वैष्णवधर्म ) के थे
- सालुव वंश का संस्थापक सालुव नरसिंह था।
- तुलुव वंश का संस्थापक वीर नरसिंह था।
- अराविडु वंश का संस्थापक तिरुमल था।
तालीकोटा का युद्ध - तालीकोटा या राक्षसी-तंगडी का युद्ध 23 जनवरी 1565 ई० में राक्षसी-तंगडी नामक स्थान पर हुआ था। विजयनगर के शासक सदा शिवराय एवं सेनापति रामराय थे। विजयनगर साम्राज्य को पराजित करने के लिए विजय नगर साम्राज्य विरोधी इस संघ में अहमदनगर ,बीजापुर ,गोलकुण्डा और बीदर शामिल थे। बरार इसमें शामिल नहीं हुआ था। इस युद्ध में विजय नगर की सेना बुरी तरह से पराजित हुई एवं इस महान साम्राज्य का दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से अंत हुआ।
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